
हमारा कर्त्तव्य भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और वेदों की रक्षा करना है





















महाराज श्री का विशेष लगाव गौमाता से है। आपके सान्निध्य में संचालित “गौरी-शंकर गौशाला” न केवल एक आश्रयस्थल है, बल्कि सेवा, संरक्षण और संवर्धन का केंद्र भी है, यहाँ सैकड़ों गौमाताओं की सेवा की जाती है, उनका स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखी जाती है। महाराज जी का मानना है —
“गौ सेवा केवल धर्म नहीं, यह राष्ट्र सेवा का सबसे पवित्र रूप है।”
🐄🌿 गौ-सेवा एवं गौरी-शंकर गौशाला — दान करें, पुण्य कमाएँ गौ माता हमारी संस्कृति, श्रद्धा और समृद्धि की प्रतीक हैं। “गौरी-शंकर गौशाला” में निराश्रित, बीमार और वृद्ध गौ माताओं की सेवा, उनके आहार, चिकित्सा, और संरक्षण का कार्य प्रेमपूर्वक किया जाता है। हर दिन सैकड़ों गौ माताएँ यहाँ भोजन, चारा, चिकित्सा और स्नेह पाती हैं — और यह सब संभव होता है आपके सहयोग और दान से। 🙏
“🧘♀️जगद्गुरु आदि शंकराचार्य बाबा जागनाथ वैदिक गुरुकुलम् की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है, संस्कार और सेवा के माध्यम से चरित्रवान, आत्मनिर्भर और संस्कृतिमय भारत का निर्माण, इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु गुरुकुलम् में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है,बल्कि आध्यात्मिक, नैतिक, सामाजिक और जीवनोपयोगी मूल्यों की शिक्षा भी दी जाती है, गुरुकुलम् का लक्ष्य समस्त मानवता में यह भावना जगाना है कि “संपूर्ण विश्व एक परिवार है।” यह प्रेम, करुणा, एकता और विश्वशांति के मूल सिद्धांतों पर आधारित है।इसकी मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
गुरुकुलम् में विद्यार्थियों को वेद, उपनिषद, गीता, पुराण और संस्कृत व्याकरण की शिक्षा दी जाती है। साथ ही आधुनिक विषयों जैसे गणित, विज्ञान, इतिहास, और कंप्यूटर का भी अध्ययन कराया जाता है।
यहाँ विद्यार्थियों को संस्कारों, सदाचार, सेवा भावना और गुरु भक्ति का प्रशिक्षण दिया जाता है। नियमित रूप से यज्ञ, संस्कार समारोह, संगीतमय प्रवचन और सत्संग आयोजित किए जाते हैं।
त्योहारों, धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता। भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक शिक्षा के माध्यम से आत्मबल का विकास।
गुरुकुलम् के इस महान कार्य में समाज के सभी वर्गों से सहयोग अपेक्षित है। आपका दान, सहयोग या समय किसी असहाय बालक के जीवन को नया प्रकाश दे सकता है। “सेवा का एक अंश भी परमात्मा की आराधना के समान है।”
