हमारा कर्त्तव्य भारतीय संस्कृति, सनातन धर्म और वेदों की रक्षा करना है
×
Image Slide 3
Image Slide 2
Image Slide 1
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
Image Slide 3
🪔 पूज्य स्वामी जी बायोग्राफी|
स्वामी जी बायोग्राफी
🕉️ ब्रह्मचारी श्री गौरवानंद महाराज जी
श्री गौरवानंद महाराज जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारतीय संस्कृति के उत्थान, वेद-पुराण के प्रचार, और मानवता की सेवा को समर्पित किया है।
ब्रह्मचारी श्री गौरवानंद महाराज जी आज के युग में उस दिव्य चेतना के प्रतीक हैं जो “वेदांत को व्यवहार में” और “भक्ति को सेवा में” परिवर्तित कर रही है। आपके मार्गदर्शन में जगद्गुरु आदि शंकराचार्य बाबा जागनाथ वैदिक गुरुकुलम्और जय बाबा जगन्नाथ धाम सेवा समिति फाउंडेशन समाज में धर्म, संस्कृति और आत्मबल का दीपक जलाए हुए हैं।
🕉️ “सेवा में ही साधना है, संस्कार में ही सत्य है, और सनातन में ही शक्ति है।” — ब्रह्मचारी श्री गौरवानंद महाराज जी
🕉️ संस्थापक का दिव्य उद्देश्य
आध्यात्मिक क्षेत्र के साथ-साथ परम पूज्य स्वामी गौरवानन्द जी महाराज समाज सेवा को भी अपना धर्म और कर्तव्य मानते हैं।
ब्रह्मचारी श्री गौरवानंद महाराज जी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण भारतीय संस्कृति के उत्थान, वेद-पुराण के प्रचार, और मानवता की सेवा को समर्पित किया है। आपके मार्गदर्शन में स्थापित संस्थान — “जगद्गुरु आदि शंकराचार्य बाबा जागनाथ वैदिक गुरुकुलम्” तथा “जय बाबा जगन्नाथ धाम सेवा समिति फाउंडेशन” आज समाज में धर्म, शिक्षा और सेवा का दीपक प्रज्वलित कर रहे हैं।
📜 वैदिक शिक्षा और संस्कारों का केंद्र
गुरुकुल की स्थापना का मुख्य उद्देश्य वेदों, उपनिषदों और भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़कर संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण करना।